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पटना बिहार मसौढ़ी,फुलवारी की खबरें.... शोक की लहर
बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं हरियाणा के पूर्व राज्यपाल धनिक लाल मंडल के निधन पर बिहार के सियासी में शोक की लहर छा गई है।
बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने धनिक लाल मंडल के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की,वहीँ बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने समाजवादी नेता, बिहार विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष एवं हरियाणा के पूर्व राज्यपाल धनिक लाल मंडल के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए अपने शोक संदेश में कहा है कि वे एक लोकप्रिय राजनेता तथा कुशल प्रशासक थे।वो अपने क्षेत्र में लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे।
उन्होंने अपने व्यक्तित्व की बदौलत समाज के सभी वर्गों का आदर एवं सम्मान प्राप्त किया।उनके निधन से मुझे व्यक्तिगत रूप से दुख पहुंचा है।उनका निधन सामाजिक एवं राजनीतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री धनिकलाल मंडल (90 वर्ष) की निधन चंडीगढ़ में सेक्टर-6 स्थित एक अस्पताल में रविवार की शाम सवा सात बजे हो गया। वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका जन्म मधुबनी जिला अंतर्गत घोघरडीहा प्रखंड क्षेत्र स्थित बेलहा गांव में 30 मार्च 1932 को हुआ था। वे महान समाजवादी नेता थे। लौकहा के राजद विधायक भारत भूषण मंडल सहित दो पुत्र एवं एक पुत्री, पुत्रवधू व पूर्व जिप अध्यक्ष रागिनी देवी सहित भरापूरा परिवार छोड़कर वे चल बसे। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव घोघरडीहा प्रखंड क्षेत्र के बेलहा में किया जाएगा। वे हरियाणा के राज्यपाल, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष के पद को भी सुशोभित कर चुके हैं।
पहली बार सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर बने थे विधायक
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फुलपरास से प्रथम बार वे 1967 में सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधायक बने थे। इसके बाद वे विधानसभा अध्यक्ष बने थे। जबकि, 1969 में भी विधायक निर्वाचित हुए। 1972 में भी सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर लौकहा से विधायक बने थे। लेकिन, जेपी आंदोलन में उन्होंने 1974 में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वे 1977 जनता पार्टी के टिकट पर एवं 1980 में लोकदल (च) के टिकट पर झंझारपुर से सांसद चुने गए। वे मोरारजी देसाई एवं चौधरी चरण सिंह सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बने। जबकि, 1990 में हरियाणा के राज्यपाल बने। वे राजस्थान के राज्यपाल पद के अतिरिक्त प्रभार भी ग्रहण किए थे। वे छात्र जीवन में अपनी राजनीति की शुरूआत छात्र कांग्रेस के सक्रिय सदस्य के रूप में की। भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के लिए उन्होंने जिला स्कूल दरभंगा से निकाल दिए गए थे। आजादी के बाद वे समाजवादी विचारधारा से जुड़ गए। वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री लिए थे।बिहार में शोक की लहर उनके निधन पर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने गहरी शोक व्यक्त किया है। साथ ही उनके कार्यकर्ता साथी भी दुःख जताया है।
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