पटना में अवैध कार्यालय चला रहे थे संपतचक सीओ, डीएम को मिली सूचना तो रात में अफसरों ने बोला धावा,पतली गली से भागे नन्द किशोर प्रसाद निराला

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पटना में अवैध कार्यालय चला रहे थे संपतचक सीओ, डीएम को मिली सूचना तो रात में अफसरों ने बोला धावा,पतली गली से भागे सीओ ,निलंबन की तैयारी।


पटना से सटे संपतचक सीओ(अंचलाधिकारी) अवैध कार्यालय का संचालन कर रहे थे। इसके लिए प्रति महीने 11 हजार रुपये की राशि भी मकान मालिक को दी जा रही थी। यह पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है सूत्रों के अनुसार,उस कार्यालय में दाखिल-खारिज का निपटारा करते थे सीओ हलका कर्मचारी कंप्यूटर आपरेटर इत्यादि।


 संपतचक अंचल पदाधिकारी नंदकिशोर प्रसाद निराला का कंकड़बाग के इलाके में अवैध कार्यालय पर शुक्रवार की रात छापेमारी हुई। छापेमारी का नेतृत्व सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने किया। मौके पर कंप्यूटर आपरेटर, राजस्व कर्मचारी और अंचल पदाधिकारी के सरकारी कामकाज का सबूत एकत्र किया गया।


डीएम को मिली थी गोपनीय सूचना 


मिली जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी डा. चंद्रशेखर सिंह को गोपनीय सूचना मिली थी कि मुन्नाचक में संपतचक के अंचल पदाधिकारी शाम 7.00 बजे के बाद कर्मचारी और कंप्यूटर आपरेटर के साथ जमीन के दाखिल-खारिज कराने वालों से मिलते थे। मामले का निपटारा रातोंरात होता था। इस अवैध कार्यालय का वीडियो फुटेज के आधार पर डीएम ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी को छापेमारी का निर्देश दिया।


रात में एसडीओ ने की छापेमारी तो खुला राज 


शुक्रवार की रात करीब 8.15 बजे एसडीओ ने छापेमारी की। रात करीब 1.00 बजे तक वहां मिले कागजात की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। मौके पर पकड़े गए कर्मियों और जमीन कारोबारी से पूछताछ के बाद पत्रकार नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी की भनक लगते ही अंचल पदाधिकारी पतली गली पकड़ कर भागने में सफल रहे। जांच के दायरे में सीओ, सीआई , राजस्व कर्मचारी, लिपिक और जमीन कारोबारी आ रहे हैं। छापेमारी के दौरान मिले साक्ष्य की जब्ती सूची के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।


सीओ की बर्खास्त होने की सम्भवना 

मिली जानकारी के अनुसार दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसमें मनोज यादव स्थानीय राजस्व कर्मचारी से जुड़ा है। पुलिस प्राथमिकी दर्ज करेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि दलाल को जेल भेजा जाएगा। पूछताछ में मकान मालिक ने बताया है कि सीओ किराये के रूप में 11 हजार रुपये प्रति महीने भुगतान करते थे। प्रशासन को सीओ ने इसकी कोई सूचना नहीं दी थी। आफिस का आपरेटर भी अवैध कार्यालय से पकड़ा गया है। छापेमारी के बाद फिलहाल अंचल कार्यालय की जांच चल रही है। अंचल अधिकारी के खिलाफ निलंबन की अनुशंसा की जाएगी।  

डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि नियमावली के तहत अपने कार्यालय से अन्यत्र समानांतर अवैध कार्यालय संचालित करना और बाह्य व्यक्तियों से अवैध ढंग से कार्य कराना घोर आपत्तिजनक है । सीओ को नियमतः अंचल में स्थित अपने कार्यालय से ही सरकारी दायित्वों का कार्य किया जाना है।अन्यत्र अवैध ढंग से कार्यालय का संचालन सरकारी कर्मियों के आचरण के विरुद्ध और आपराध के श्रेणी में आता है।डीएम ने कहा कि सीओ, हल्का कर्मचारी व कार्यपालक सहायक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी. दलाल मनोज कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है और उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।






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